महिलाओं में स्तनपरक समस्याएं

 

महिला को पूरी तरह विश्वास कैसे होगा कि उसका लम्प कैंसर नहीं है?

पक्के विश्वास के बस एक ही तरीका है कि टिशु के सैम्पल (बायोप्सी) का टैस्ट करायें। बायोप्सी करने के भी कई ढंग हैं। कई बार, एक महीने सुई से किया जाता है (एफ एच ए)। एफ एच ए रक्त की जांच जैसे होता है कि एक सुई चुभाकर रक्त बाहर निकाला जाता है। लम्प की सही जगह का निर्धारण करने के लिए या तो लम्प को महसूसर करना होता है, अगर वह महसूस न हो पाये चो अल्ट्रासाउण्ड या मैमोग्राम करते हुए एफ एल ए किया जाता है।

 
 
 

स्तन कैंसर की आशंका किन कारणों से होती है?

आशंका वह है जब रोग लगने की सम्भावनाओं में वृद्धि होती है। अध्ययन के परिणामस्वरूप स्तन कैंसर की सम्भावना निम्नलिखित स्थितियों में बताई गई है।

(1) स्तन का कैंसर बड़ी उम्र की औरतों को आमतौर पर होता है, 60 से ऊपर सम्भावना और भी बढ़ जाती है।

(2) जिस महिला के एक स्तन में कैंसर हो, उसके दूसरे स्तन में भी होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

(3) यदि मां, बहन या बेटी को स्तन का कैंसर हो तो महिला को खतरा अधिक रहता है।

(4) जिन औरतों का माहवारी चक्र 12 वर्ष की आयु से पहले शुरू हुआ हो उनको भी बड़ा खतरा रहता है।

(5) जिन औरतों की कभी सन्तान न हुई हो

(6) जिन औरतों ने जीवनभर कभी कामकाज न किया हो।

(7) बहुत अधिक वजन वाली और अति गरिष्ठ भोजन करने वाली औरतों को खतरा रहता है।

लम्प की उपस्थिति को जल्द से जल्द जानने के लिए क्या कदम उठायें?

उसके लिए जरूरी है कि

(1) महिला नियमित रूप से स्वयं स्तनों का परीक्षण करती रहे

(2) मैमोग्राम करायें।

 

स्त्री में स्तनपरक समस्याएं

 

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