महिलाओं में कामोद्दीपक चक्र (Aphrodisiac - cycle) क्या होता है?

स्त्री का कामोद्दीपन-चक्र स्त्री में काम उत्तेजना से संबंधित मानसिक अवस्था के लिये जिम्मेदार होती है। स्त्री की मानसिक और शारीरिक रचना पुरुष से कुछ अलग होती है। किसी-किसी समय तो उसकी काम उत्तेजना बहुत ज्यादा तेज हो जाती है और किसी समय बिल्कुल ही नहीं होती। हर महिला का एक कामोद्दीपन-चक्र होता है जो उसके मासिक चक्र से संबंधित होता है।

 
 
 

स्त्री का मासिक चक्र और कामोद्दीपन-चक्र भी 28 दिनों का ही होता है। स्त्री की काम उत्तेजना भी उसके मासिक चक्र से प्रभावित होती है। एक शोध के आधार पर यह ज्ञात हुआ है कि मासिक चक्र शुरू होने से कुछ दिन पहले तथा कुछ दिन बाद तथा समाप्ति के एक सप्ताह बाद स्त्री में काम उत्तेजना अपने पूरे चरम पर होती है। इन दिनों में वह संभोग करने के लिए पूरी तरह से तैयार होती है इसलिए इस समय में उससे संभोग करना अच्छा रहता है। लेकिन एक ही स्त्री में मासिक चक्र की अवधि हमेशा एक जैसी नहीं होती है। स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति के अनुसार यह चक्र भी बदलता रहता है जैसे कभी समय से पहले शुरू हो जाता है और कभी समय से बाद में।

इस समय में अगर पति अगर अपनी पत्नी से कुशलतापूर्वक संबंध बनाता है तो दोनों को ही हद से ज्यादा आनंद प्राप्त होता है। इसके लिए उसे अपनी पत्नी के कामोद्दीपन चक्र का अध्ययन करना चाहिए तथा यह जानने की कोशिश करनी चाहिए कि किस-किस तारीख में पत्नी की काम उत्तेजना चरम पर होती है। आज कल कई वेब प्रोग्राम आ गए हैं जो स्त्री के मासिक चक्र के साथ-साथ कामोद्दीपन-चक्र को भी ट्रैक करता है।

 

 

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