गर्भ धारण

 

गर्भ के प्रारम्भिक दिनों में क्या घबराहट और उल्टी केवल प्रातःकाल में ही होता है?

गर्भ की प्रारम्भिक स्थिति से सम्बधित घबराहट और उल्टी दिन और रात में किसी भी समय हो सकती है।

गर्भ सम्बन्धिक घबराहट और उल्टी से कैसे निपटना चाहिए?

मितली को रोकने एवं सहज करने के लिए कुछ निम्नलिखित टिप्स की आजमायें -

 

(1) थोड़ी थोड़ी देर के बाद थोड़ा थोड़ा खायें, दिन में तीन मुख्य भोज लेने की अपेक्षा 6-8 बार ले लें।

 

 

(2) मोटापा बढ़ाने वाले तले हुए और मिर्ची वाले पदार्थ न लें।

(3) जब जी मितलाये तब स्टार्च वाली चीजें खायें जैसे रस्क या टोस्ट। अपने बिस्तर के पास ही कुछ ऐसी चीजें रख लें ताकि सुबह बिस्तर से उठने से पहले खा सकें। अगर आधि रात को जी मितलाये तो उन चीजों को लें


(4) बिस्तर से धीरे धीरे उठें।

(5) घबराहट होने पर नीबू चूसने का प्रयास करें।

मित्तली के लिए क्या डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए?

यदि आप को लगे कि उल्टी बहुत ज्यादा हो रही है तो डाक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अत्यधिक उल्टी से अन्दर का पानी खत्म हो सकता है, ऐसी स्थिति में अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ सकती है।

गर्भावस्था में बार-बार मूत्र त्याग की जरूरत क्यों पड़ती है?

गर्भ की प्रारंभिक स्थिति में बढ़ते हुए गर्भाशय से ब्लैडर दबता है - इसी से बार-बार मूत्रत्याग करना पड़ता है।

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