जननांगों की प्रसवोपरान्त समस्याएं

 

प्रसव से हुई जननांगों की पीड़ा कब तक रहती है, सम्भोग का प्रारम्भ कब तक किया जा सकता है?

सामान्यतः चलने और बैठने से होने वाली असुविधा के एक महीने तक समाप्त होने की आशा की जा सकती है पर दो महीने आराम से लग सकते हैं। योनिपरक सम्भोग में होने वाली असुविधा को तीन महीने लगते हैं पर छह महीने या अधिक भी लग सकते हैं।

 
 
 

प्रसव के बाद मूत्र त्याग में पीड़ा या बार-बार आना और बल्वा में जलन के क्या कारण होते हैं?

प्रसव के बाद गर्भकाल के उच्च इस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन जैसे हॉरमौन्स तेज़ी से कम हो जाते है जिससे योनि में और वल्वा के आन्तरिक म्युकोसल अस्तर में रूखापन आ जाता है। परिणामस्वरूप, साबून से, रगड़ से, पैड के कैमिकल्स से, कंडोम और अन्य लगाने वाले लोशन से अंदर जलन हो तो वह बहुत कष्ट देती है।

प्रसव के बाद क्या प्रायः औरतों को अनियंत्रित गैस निष्कासन अथवा मल त्याग की समस्या होती है?

योनिपरक प्रसव के बाद कुछ को अपने मल अथवा गैस को रोकना मुश्किल हो जाता है अधिकतर मलद्वारा की स्फिन्स्टर मांसपेशियों में घाव के कारण होता है, घाव के उपचार के बाद भी कई बार ऐसा हो जाता है।

प्रसव के बाद योनि के खुल जाने या श्रोणि भ्रंश के सन्दर्भ में क्या किया जाना चाहिए?

इस के लिए डॉक्टर/फिजियोथैरेपिस्ट से सम्पर्क करें जो कि मांसपेशियां के खिंचाव को कम करने के लिए केगलस व्यायाम कर सुझाव देंगे।

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