स्त्री यौन विकार के कारण

स्त्री यौन विकार स्त्री यौन उत्तेजना चक्र स्त्री में विभिन्न लैंगिक विकार
स्त्री यौन घ्रणा विकार स्त्री कामोत्तेजना विकार स्त्री चरम-आनंद विकार
कष्टप्रद संभोग- योनि आकर्ष स्त्री यौन विकार के कारण यौन उत्तेजना चक्र को प्रभावित करने वाले रोग
महिला सेक्स विकार के मनोवैज्ञानिक पहलू स्त्री यौन विकार के निदान हेतु सामान्य शारीरिक और प्रजनन तंत्र का परीक्षण कामोत्तेजना विकार उपचार
कीगल व्यायाम यौन-इच्छा विकार कामोत्तेजना विकार
चरम-आनंद विकार कष्टप्रद संभोग के उपचार रजोनिवृत्ति (Menopause)
रजोनिवृत्ति में शारीरिक परिवर्तन रजोनिवृत्ति में ईस्ट्रोजन-प्रोजेस्टिन उपचार शुष्क योनि के उपचार
स्त्रियों में काम-ज्वाला भड़काने में टेस्टोस्टिरोन का प्रयोग फीमेल वियाग्रा स्त्री कामोत्तेजना विकार के उपचार के लिए अलसी का प्रयोग

स्त्री यौन विकार के कारण

स्त्री यौन विकार के कारण -

हाइपोथेलेमिक पिट्युइटरी एक्सिस दोष, औषधि या शल्यक्रिया द्वारा वंध्यकरण, रजोनिवृत्ति, लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन, प्रिमेच्यौर ओवेरियन फेल्यर , श्रोणि की मांसपेशियों की अति-तनावता या अल्प-तनावता, श्रोणि की मांसपेशियों की अति-तनावता या अल्प-तनावता, आपसी मतभेद, शारीरिक दोष, आत्म स्वाभिमान में कमी, मनोदशा दोष, मनोरोग की औषधियों के कुप्रभाव.

 
 

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स्त्री यौन विकार के कारण और लक्षण

कारण

विवरण

लक्षण

हार्मोन संबन्धी

हाइपोथेलेमिक पिट्युइटरी एक्सिस दोष, औषधि या शल्यक्रिया द्वारा वंध्यकरण,   रजोनिवृत्ति, लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन, प्रिमेच्यौर ओवेरियन फेल्यर

कामेच्छा विकार, शुष्क योनि, कामोत्तेजना दोष

मांसपेशीजनित 

श्रोणि की मांसपेशियों की अति-तनावता या अल्प-तनावता

अति-तनावता: लैंगिक दर्द-विकार, योनि आकर्ष

 

 

अल्प-तनावता: योनि अल्पसम्वेदिता, चरमानंद विकार, संभोग में मूत्र-असंयमता

नाड़ीजनित

सुषुम्ना नाड़ी आघात; केन्द्रीय नाड़ी तंत्र या परिधीय नाड़ी तंत्र संबन्धी रोग जैसे डायबिटीज,  उच्च प्रेरक नाड़ी रोग

चरमानंद विकार

मनोवैज्ञानिक

आपसी मतभेद, शारीरिक दोष, आत्म स्वाभिमान में कमी, मनोदशा दोष, मनोरोग की औषधियों के कुप्रभाव

कामेच्छा विकार, कामोत्तेजना दोष, अल्पसम्वेदिता, चरमानंद विकार

वाहिकीय

ऐथेरोस्क्लिरोसिस के कारण रक्त प्रवाह में कमी, हार्मोन स्राव में कमी , आघात

शुष्क योनि , कष्टप्रद संसर्ग

रक्त संचार संबन्धी रोग

उच्च रक्तचाप, कॉलेस्ट्रोल ज्यादा होना, डॉयबिटीज, धूम्रपान और हृदयरोग में स्त्रियों को सेक्स संबन्धी विकार होते ही हैं। पेल्विस या जनन्न्द्रियों में चोट लगना, पेल्विस की हड्डी टूट जाना, जननेन्द्रियों में कोई शल्यक्रिया या अधिक सायकिल चलाने से योनि तथा भगशिश्न में रक्त प्रवाह कम हो सकता है जिससे सेक्स विकार हो सकते हैं। 

नाड़ी रोग

जो नाड़ी रोग पुरूषों में स्तंभन दोष पैदा करते हैं वे स्त्रियों में भी सेक्स विकार पैदा करते हैं। मेरुरज्जु आघात (Spinal cord Injury) या डायबिटीज समेत नाड़ी रोग स्त्रियों में सेक्स संबंधी दोष पैदा कर सकते हैं। उन स्त्रियों को चरम-आनंद की प्राप्ति बहुत मुश्किल होती है जिन्हें मेरुरज्जु में चोट लगी हो। 

हार्मोन

हाइपोथेलेमिक पिट्युइटरी एक्सिस दोष, औषधि या शल्यक्रिया द्वारा वंध्यकरण (Castration), रजोनिवृत्ति, प्रिमेच्योर ओवेरियन फेल्यर और गर्भ-निरोधक गोलियां स्त्री सेक्स विकार के हार्मोन संबन्धी कारण हैं, जिनमें मुख्य लक्षण शुष्क योनि (Dry Vagina), यौन-इच्छा विकार और कामोत्तेजना विकार हैं।

औषधियां

कई तरह की औषधियां विशेषतौर पर मनोरोग में दी जाने वाली सीरोटोनिन रिअपटेक इन्हिबिटर्स (SSRI) स्त्रियों में सेक्स संबन्धी विकार का महत्वपूर्ण कारण है। 
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लेखक - Dr. O.P.Verma 7-B-43, Mahaveer Nagar III, Kota

 

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