रजोनिवृत्ति में ईस्ट्रोजन-प्रोजेस्टिन उपचार

स्त्री यौन विकार स्त्री यौन उत्तेजना चक्र स्त्री में विभिन्न लैंगिक विकार
स्त्री यौन घ्रणा विकार स्त्री कामोत्तेजना विकार स्त्री चरम-आनंद विकार
कष्टप्रद संभोग- योनि आकर्ष स्त्री यौन विकार के कारण यौन उत्तेजना चक्र को प्रभावित करने वाले रोग
महिला सेक्स विकार के मनोवैज्ञानिक पहलू स्त्री यौन विकार के निदान हेतु सामान्य शारीरिक और प्रजनन तंत्र का परीक्षण कामोत्तेजना विकार उपचार
कीगल व्यायाम यौन-इच्छा विकार कामोत्तेजना विकार
चरम-आनंद विकार कष्टप्रद संभोग के उपचार रजोनिवृत्ति (Menopause)
रजोनिवृत्ति में शारीरिक परिवर्तन रजोनिवृत्ति में ईस्ट्रोजन-प्रोजेस्टिन उपचार शुष्क योनि के उपचार
स्त्रियों में काम-ज्वाला भड़काने में टेस्टोस्टिरोन का प्रयोग फीमेल वियाग्रा स्त्री कामोत्तेजना विकार के उपचार के लिए अलसी का प्रयोग

रजोनिवृत्ति में ईस्ट्रोजन-प्रोजेस्टिन उपचार

होर्मोन प्रतिस्थापना उपचार (Hormone Replacement Therapy)

रजोनिवृत्ति से होने वाले विकारों के उपचार हेतु होर्मोन्स का प्रयोग किया जाता है। अकेला ईस्ट्रोजन उन स्त्रियों को दिया जाता है जिनका गर्भाशय शल्यक्रिया द्वारा निकाल दिया गया है जबकि गर्भाशय को साथ लिए जी रही स्त्रियों को ईस्ट्रोजन-प्रोजेस्टिन (कृत्रिम प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन) दिया जाता है क्योंकि प्रोजेस्टिन ईस्ट्रोजन की अधिकता के दुष्प्रभाव (गर्भाशय कैंसर) से गर्भाशय की सुरक्षा करते हैं।

 
 

वर्षों तक यह समझा जाता रहा कि रजोनिवृत्ति में ईस्ट्रोजन-प्रोजेस्टिन उपचार स्त्रियों को हृदयरोग, उच्च-कॉलेस्टेरोल, कैंसर आंत, एल्झाइमर रोग और अस्थिक्षय (Osteoporosis) से बचाता है। परंतु 2002 में हुई खोज के अनुसार रजोनिवृत्ति में ईस्ट्रोजन या इस्ट्रोजन-प्रोजेस्टिन उपचार से स्तन कैंसर, हृदयाघात, स्ट्रोक और अंडाशय कैंसर का जोखिम बहुत बढ़ जाता है।

 

होर्मोन उपचार उन स्त्रियों को बहुत राहत देता है जिनको रजोनिवृत्ति के कारण शुष्क योनि या संभोग में दर्द होता है साथ में हॉट फ्लशेज और अनिद्रा में भी लाभ मिलता है। अनुसंधानकर्ता छोटे अंतराल के लिए दिये गये होर्मोन उपचार को तो सुरक्षित मानते हैं लेकिन लंबे समय तक होर्मोन उपचार देने के पक्ष में नहीं हैं। पांच वर्ष के बाद होर्मोन उपचार बंद कर दिया जाना चाहिये। स्त्रियों में होर्मोन उपचार शुरू करने का निर्णय सोच समझ कर लिया जाना चाहिये और रोगी को इसके फायदे नुकसान अच्छी तरह समझा देने चाहिये।

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लेखक - Dr. O.P.Verma 7-B-43, Mahaveer Nagar III, Kota

 

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