कीगल व्यायाम

स्त्री यौन विकार स्त्री यौन उत्तेजना चक्र स्त्री में विभिन्न लैंगिक विकार
स्त्री यौन घ्रणा विकार स्त्री कामोत्तेजना विकार स्त्री चरम-आनंद विकार
कष्टप्रद संभोग- योनि आकर्ष स्त्री यौन विकार के कारण यौन उत्तेजना चक्र को प्रभावित करने वाले रोग
महिला सेक्स विकार के मनोवैज्ञानिक पहलू स्त्री यौन विकार के निदान हेतु सामान्य शारीरिक और प्रजनन तंत्र का परीक्षण कामोत्तेजना विकार उपचार
कीगल व्यायाम यौन-इच्छा विकार कामोत्तेजना विकार
चरम-आनंद विकार कष्टप्रद संभोग के उपचार रजोनिवृत्ति (Menopause)
रजोनिवृत्ति में शारीरिक परिवर्तन रजोनिवृत्ति में ईस्ट्रोजन-प्रोजेस्टिन उपचार शुष्क योनि के उपचार
स्त्रियों में काम-ज्वाला भड़काने में टेस्टोस्टिरोन का प्रयोग फीमेल वियाग्रा स्त्री कामोत्तेजना विकार के उपचार के लिए अलसी का प्रयोग

कीगल व्यायाम

कभी-कभी सप्ताहांत में दोनों साथी रूमानी हो जाये, अगरबत्ती जला कर फिजा को महकाये, शमां जला कर दिव्य माहौल बनाये, सपनों की दुनिया सजायें, बारी-बारी से एक दूसरे का प्यार से किसी अच्छे हर्बल तेल द्वारा मसाज करें, गुफ्तगू करें। एक दूसरे को बतायें कि उन्हें कहाँ और कैसा स्पर्श अच्छा लगता है। ऐसा मसाज से दम्पत्तियों के ऊर्जा चक्र खुल जाते हैं और वे एक दूजे में खो जाते हैं।

कीगल व्यायाम विधि

विधि सरल है, स्त्री योनि में अपनी अंगुली डाल कर मूलाधार (Perineum) की मांसपेशियों को उसी तरह धीरे धीरे दस तक गिनते हुए सिकोड़ें मानो मूत्र-त्याग की क्रिया को रोकना हो, फिर तीन गिनने तक मांसपेशियों को सिकोड़ें रहें और उसी तरह धीरे धीरे दस तक गिनते हुए मांसपेशियों को ढीला छोड़ें। इसे दस से पंद्रह बार रोज करें। बाद में इसे किसी भी समय, कहीं भी, किसी भी मुद्रा में किया जा सकता है।

 
 

कीगल व्यायाम के लाभ

• मूलाधार की पेशियां मजबूत होती हैं।

• चरम-आनंद की तीवृता बढ़ती है। • चरम-आनंद के समय मूत्र निकल जाने की समस्या ठीक होती है।

• संभोग के समय ध्यान का विकर्षण (Distraction) होता है।

• संभोग के आनंद की अनुभूति बढ़ती है।

 

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लेखक - Dr. O.P.Verma 7-B-43, Mahaveer Nagar III, Kota

 

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