क्या किशोर - किशोरियों को यौन शिक्षा देने से स्वच्छंद संभोग को बढ़ावा मिलता है?

 

 

नहीं, इस प्रचलित विश्वास के विपरीत, यौन शिक्षा स्वच्छंद संभोग को बढ़ावा नहीं देती। वस्तुतः ऐसे कार्यक्रम असुरक्षित यौन संबंध से जुड़ी चिंताओं को दूर करते हैं और सुरक्षित यौन संबंधों को प्रोत्साहित करते हैं।

 
 
 

यौन शिक्षा कार्यक्रम लिखे गए 1050 वैज्ञानिक लेखों का विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा की गई समीक्षा में अनुसंधान कर्ताओँ ने यह देखा कि इस विवाद का कहीं कोई समर्थन नहीं किया गया कि यौन शिक्षा से यौन अनुभव प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है या क्रियाकलापों में वृद्धि होती है।

यदि कोई प्रभाव नजर आता है तो वह अपवाद से रहित है क्योंकि ये मैथुन स्थगित करने और / या गर्भनिरोधक का प्रभावी प्रयोग करने की दिशा में हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि उचित और समय पर सूचना उपलब्ध करने में असफल रहना- "अनैच्छिक गर्भ के अवांछित परिणामों और यौन संचारित रोगों के संचारण को कम करने के अवसर समाप्त करना है, और इसलिए इससे हमारे युवाओं को हानि होती है"।

किशोर जनन और स्वास्थ्य कार्यक्रमों में माता-पिता और समाज को विश्वास मे लेना चाहिए ताकि एक ऐसा वातावरण तैयार किया जा सके जिसमें किशोर अपने विकल्पों का प्रयोग कर सकें। एक ऐसी समाकलित पहुंच के अभाव में इस गतल भय के आधार पर इस कार्यक्रम का विरोध किया जा रहा है कि इससे स्वच्छंद संभोग मिलेगा। लड़के और लड़कियों दोनों को एक साथ लेकर कार्य करने की आवश्यकता है ताकि वे दोनों यौन जनन प्रक्रिया के महत्व को समझ सकें। यह यौन अधिकारों की उचित जानकारी देता है और उनका उचित प्रयोग करना भी बताता है।

 

 

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