लम्बी उम्र के लिये संतुलित भोजन

 

शोध से सिद्ध हुआ है कि साकारात्मक सोच एवं सक्रियता से तनाव मुक्त होते हैं वृद्धावस्था देर से आप तक पहुंचती है, लम्बा जीवन पाना कुछकुछ आपके हाथ में भी हो सकता है। स्वस्थ जीवन शैली एवं रचनात्मक सोच वृद्धावस्था की गति को धीमी कर देती है। वृद्धावस्था में अपने अंदर कोई शौक पालें या फिर उन शौक को पूरा करने की सोचें जो पहले आप सोचकर भी नहीं कर पाये, साथसाथ अगर आप वृद्धावस्था से पहले की अवस्था से ही अपने खानेपीने का ख्याल रखें ।

 
 
 

ज्यादा ना नुकुर वाली आदतें छोड़ दें स्वास्थ संबंधी छोटी छोटी बातों पर द्यान दें तो बडी परेशानी होगी ही नहीं यानि बिमारी होने से पहले उसे रोक थाम के उपाय करलें तो कैसा रहेगा यहां हम आपको कोई दवा खाने की सलाह देने नहीं जा रहे हैं हम तो आपको एक ऐसा आसान नुस्खा सुझाने जा रहे हैंकि हींग लगे न फिटकरी रंग चोखा।जो कुछ आप रोज मर्रा के जीवन में सुबह से खाना पीना शुरू करते है उसी में थोडा सा फेर बदल तथा कुछ जोडना कुछ घटाना है बस हो गया आपका सुंदर स्वस्थ रहने का गणित फिट ।

जिम या अपनी क्षमता से ज्यादा व्यायाम करने से पहले डाक्टरी परामर्श अवश्य लें।एक दूसरे का देखा देखी न करें।जो आपका शरी र बरदाश्त कर सके उतना ही व्यायाम आपके लिये पर्याप्त है ।पर हां रोज सुबह थोडा़ थोडा़ व्यायाम अवश्य करें जैसे साईकलिंग,सैर जॉगिंग।

सुबह उठकर रोटी परांठे या तली चीजें खाने की जगह आप फल,जूस,अंकुरित अनाज ,दूध, ब्रेड बटर आदि लें ।इसके बाद अगर आपका पेट न भरे तो एक रोटी या परांठा ले सकते हैं कारण पहले रोटी पराठा खा लेने से एक तो पचने में भारी दूसरें आंतो में जाकर चिपक जाता है पाचन संस्था को अस्वस्थ कर देता है जिन्हे शारीरिक परिश्रम अधिक करना है वे लोग रोटी परांठा जरूर खा सकते हैं कारण वे इतनी कैलोरी जलाएगे भी परंतु जिन्हें बैठे बैठे ही काम करना होता है वे उतनी कैलोरी नहीं जला पाते और आपका पेट बढने लगता है । आलस ,नींद आने लगती है । हल्का नाश्ता ही करें जैस उपर बताया गया है काररण अंकुरित अनाज ,फल,जूस,भी पौष्टिक होता है ।इन्हें खाने के बाद आपको मशक्कत करने की जरूरत नहीं है तथा आंते इसकी पौष्टिकता को आसानी से अपनी तरफ सोख लेती हैऔर तुरंत आपके शरीर को उनसे प्राप्त  की हुई उर्जा हमारे शरीर तक पहुँचाकर रक्त संचार एंव पाचन संस्था को ताकत देती है तथा दुरूस्त करती है । आपको सारा दिन हल्का बनाए रखती है । आप अधिक काम कर सकते हैं।आपका एनर्जी पावर बढेगा ।  लंच में जो चाहे खा सकते हैं आप।शाम को चाय में बिस्किट या इसके जैसी कोई और चीज भी खा सकते हैं।   

खाने में लहसुन को अवश्य जोडें ये रक्तचाप को नियंत्रित रखता है। इसे कच्चा खाने पर मुंह से बदबू आती है पर फिर भी ये लहसुन भोजन का एक अभिन्न अंग है। वैज्ञानिकों द्वारा शोध में पाया गया है कि लहसुन हृदय को स्वस्थ रखता है।

लहसुन शरीर में रक्तवाहिनियों को लचीला बनाती है तथा खून के बहाव को बढ़ाता है, खून को गाढ़ा होने व जमने से बचाता है। लहसुन हृदय एवं श्वसन संबंधित गड़बड़ियों को कम करता है। लहसुन कई बीमारियों का अनिष्टकारी तत्व है। अधिक उम्र तक जवान दिखेंगे चेहरे पर चमक होगी।

संतरा एक संतरा प्रतिदिन सेवन करने से चहरे पर झुर्रिया नहीं पड़ती उम्र हो जाने पर भी, कारण इसमें मौजूद विटामिन सी है जो चमड़ी पर उम्र का असर नहीं दिखाता है। अमेरिका में शोध कर्ता इस नतीजे पर पहुंचे है कि इसमें मौजूद विटामिन सी त्वचा को कमनीय बनाये रखने वाली प्रोटीन की मात्रा पायी जाती है सो नींबू भी भोजन में जोड़ें। अगर बढ़ती उम्र के साथ विटामिन सी, पर्याप्त मात्रा में लिया जायें तो त्वचा पर उम्र का असर बहुत कम पड़ता है।

नींबू सदाबहार फल है यह थकान दूर करता है। नींबू कई बीमारियों से बचाता है। दमा व खांसी जुकाम वालों को नींबू का सेवन नहीं करना चाहिये। नींबू अधिक अम्लीय होता है इस कारण इसमें काला नमक मिलाकर लेना उचित है नींबू वर्षा काल में अधिक फायदेमंद होता है। वर्षाकालीन बीमारियों से बचाता है। नींबू प्याज पर काला नमक, भुना पिसा जीरा, काली मिर्च डालकर खाने से भूख बढ़ती है। अधिक उम्र में भारी बदन होने पर शहद व नींबू की शिकंजी बनाकर पियें। वजन घटेगा।

आंवला आंवले में सारे रोगों को दूर रखने की शक्ति है आंवला अमृत फल कहलाता है। आंवले के सेवन से बूढ़ों को आश्चर्यजनक स्फूर्ति व शक्ति प्रदान मिलती है। यादश्त बढ़ाता व दुरूस्त रखता है। एक आंवला दो संतरे के बराबर होता है। सूखें आंवले का गुण, टूटी हड्डियों को जोड़ने वाला भी होता है। एक चम्मच पिसा आंवला रात को पानी या दूध से लें कब्ज दूर होता है। सूखा आंवला पीस लें इसे दो चम्मच भरकर रोटी के साथ नित्य खायें। बुढ़ापा देर से आयेगा। जवानी बनी रहेगी।

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