रजोनिवृत्ति

 

रजोनिवृत्ति क्या होती है?

इसका अर्थ है 12 महीने तक माहवारी का न होना। रजोनिवृति औरत के जीवन का वह समय है जाब कि अण्डकोश की गतिविधियां समाप्त हो जाती है।

सामान्यतः किस उम्र में औरतें रजोनिवृत्ति स्थिति तक पहुंचती है?

अधिकतर औरतें 45 और 55 की आयु में रजोनिवृत्ति होती हैं परन्तु यह 10 या 40 की उम्र में भी हो सकता है और हो सकता है कि 60 तक भी न हो।

 
 
 


रजोनिवृत्ति के चिन्ह और लक्षण क्या हैं?

यह याद रखना जरूरी है कि हर महिला का अनुभव नितान्त निजी होता है। कुछ औरतों को थोड़े और कुछ को बिल्कुल भी कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, जब कि अन्य किसी को शारीरिक और मानसिक विविध लक्षण पनप सकते हैं। लक्षणों की परिसीमा और तीव्रता औरतों में महत्वपूर्ण रूप से अलग-अलग है। कुछ चिन्ह और लक्षण निम्नलिखित हैं :

1.  योनि से अनियमित रक्तस्राव - माहवारी समाप्त होने से पहले हो सकते हैं कि पीरियड जल्दी जल्डी होने लगे। (अर्थात उनकी अवधि कम हो जाए) या फिर बहुत दूर दूर हो जाए (चक्र की अवधि लम्बी हो जाए)

2.  गरमाहट लगना या पसीना आना - हॉट फ्लैश में बहुत गर्म लगता है और वह गरमाहट सारे शरीर में फैल जाती है, ज्यादातर सिर और छाती में बहुत अधिक महसूस होती है। कभी कभी गरमाहट के बाद व्यक्ति को लगता है कि वेजान सा हो रहा है या बार बार पसीना आता है। यह गरमाहट 30 सैकण्ड से लेकर कई मिनट तक रह सकती है।

3.  योनि की दीवारों का रूखापन

4.  मूत्र निष्कासन के समय जलन

5.  नींद में व्यवधान

6.  वज़न बढ़ना

7.  मूड में बदलाव आना, झुंझलाहट, थकावाट, स्मरण शक्ति का घटना

8.  हड्डियों का कमजोर होना।

 

रजोनिवृत्ति के लक्षणों के उपचार में हॉरमोन पुनर्स्थापन थैरेपी क्या होती है?

हॉरमोन थैरेपी (एच टी) जिसे कि हॉरमोन पुनर्स्थापन थैरेपी (एच आर टी) या रजोनिवृत्ति उपरान्त हॉरमोन्स थैरेपी (पी एच टी) भी कहा जाता है, उस में इस्ट्रोजन या इस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन का मिश्रण होता है।

 

एच आर टी से कौन कौन से खतरे हो सकते हैं?

अध्ययन से पता चलता है कि जिनस महिलाओं को इस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन के मिश्रण अध्ययन से पता चलता है कि जिन महिलाओं को इस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन के मिश्रण के हॉरमोन्स थैरेपी दी जाती है और जिन महिलाओं को नहीं दी जाती उनकी तुलना में इन्हें हृदयघात, स्ट्रोक और स्तनपरक कैंसर का अधिक बढ़ा हुआ खतरा रहता है। बाद में एक अन्य अध्ययन से पता चला है कि जिन्हें केवल इस्ट्रोजन थैरेपी दी जाती है उन्हें स्ट्रोक (लकवा) और गर्भाशय का अधिक खतरा होता है न कि हृदयाघात या स्तन परक कैंसर का।

 

एच आर टी देने का निर्णय डॉक्टर कैसे लेते हैं?

हॉरमोन थैरेपी करवाले का निर्णय नितान्त निजी होता है जिसमें रोगी और डॉक्टर को सम्बधित खतरों और लोगों के साथ-साथ महिला के चिकित्सापरक इतिवृत का भी ध्यान रखकर निर्णय करना चाहिए।

 

रजोनिवृति के उपचार के अन्य विकल्प क्या हैं?

अन्य विकल्पों में शामिल है (1) मौखिक गर्भनिरोधक पिल्स (2) लगाने के लिए योनि की क्रीम (एन्टी डिप्रैसेंट - अवसाद से मुक्त करने वाली दवाएं।

 

क्या रजोनिवृति के बाद हृदय रोग की आशंकायें बढ़ जाती हैं?

इस्ट्रोजन का स्तर शरीर में घट जाने के कारण हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।

 

रजोनिवृत्ति के उपरान्त औरतों में हड्डी टूटने की आशंका क्यों बनी रहती है?

हड्डियों के कमजोर पड़ जाने पर ओस्ट्रोपोरोसिस नामक स्थिति हो जाती है तो रजोनिवृत्ति के बाद औरतों में हड्डी टूटने की आशंका बढ़ जाती है। अतः डॉक्टर के परामर्श के अनुसार अपने आहार में कैल्शियम को बढ़ाने की जरूरत रहती है।

 

औरतों में हड्डी टूटने की लक्षणों को कम करने के लिए हम घर पर क्या उपचार कर सकते हैं?

इन लक्षणों को कम करने के लिए आप घर पर निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं?

1.  गरमाहट के झोंके - हल्के कपड़े पहनें, गर्म पेय न लें।

2.  ओनिपरक रूखापन - के बाई जैली जैसे योनिपरक लुब्रिकेन्टस का उपयोग

3.  कम से कम आठ घन्टे की नींद और विश्राम

4.  आहार में फलों, सब्जियों और साबुत अनाजों का विविधता का उपयोग करें।

5.  प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट के लिए हल्का व्यायाम करें।

 

कुछ औरतों की रिपोर्ट है कि हल्के गरमाहट के झोंको से विटामिन ई युक्त दवाएं राहत दिला सकती हैं?

वाज्ञानिक अध्यन रजोनिवृत्ति के लक्षणों से राहत दिलाने में विटामिन ई की प्रभविष्णुता को प्रमाणित नहीं कर पा रहे हैं। विटामिन ई का 400 इंटरनेशनल युनिटस (आई यू) से बड़ा डोस लेना हो सकता है सुरक्षित न हो, क्योंकि कुछ अध्ययनों से पता चला है कि बड़ा डोस हृदयरोग के खतरे से जड़ सकता है।

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