Prabhat Kumar

मेनोरेजिया - पीरियड के दिनों में अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या

लेखक

प्रभात कुमार

 

मेनोरेजिया - पीरियड के दिनों में अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या

पीरियड के दिनों में अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या को 'मेनोरेजिया' कहा जाता है। दुनियाभर में 35 वर्ष से अधिक उम्र की एक तिहाई से अधिक महिलाएं मेनोरेजिया से पीड़ित हैं। इस समस्या के इलाज के अधिकतर मामलों में गर्भाशय को महिलाओं के शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है। गर्भाशय को बाहर निकाले जाने की प्रक्रिया को हिस्टेरेक्टोमी कहा जाता है।

 
 
 

आत्मानुशासित जीवन को स्वीकार करना महत्वपूर्ण है। बाह्य एवं आंतरिआजकल मेनोरेजिया के इलाज के लिए बगैर शल्य चिकित्सा वाले दूसरे विकल्प रुप में लेजर किरणों या इलेक्ट्रिक के झटकों का इस्तेमाल किया जाता है जिसे एंडोमेट्रियल एब्लेशन तकनीक कहते हैं और इसके जरिए गर्भाशय के अंदर की सतह की झिल्ली, जिसे एंडोमेट्रियल कहा जाता है, उसे या तो नष्ट कर दिया जाता है या फिर इसे बाहर निकाल दिया जाता है।

 माहवारी के दिनों में यह झिल्ली बाहर निकल जाती है या फिर प्रसव के वक्त यह गर्भनाल के साथ बाहर निकल जाती है। एंडोमेट्रियल को नष्ट करने के लिए 'मिनिटच सिस्टम' के तहत एंडोमेट्रियल को बिजली का उपयोग कर जला दिया जाता है और इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होता है। इस प्रक्रिया में एक तीन मिलीमीटर चौड़े और 24 सेंटीमीटर लम्बे माइक्रोवेव ऊर्जा वाले उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है। इसे योनि के अंदर डालकर 90 सेकेंड बाद बाहर निकाल दिया जाता है। इसी दौरान मेनोरेजिया का स्थायी इलाज हो जाता है। नब्बे सेकेंड के दौरान गर्भाशय की झिल्ली यानी एंडोमेट्रियल नष्ट हो जाती है।

 

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