प्रसव पूर्व तथा जटिलता के लिए तैयारी

 

प्रसव के दौरान होने वाली अधिकांश जटिलताओं के विषय में पहले से ही कुछ कहा नहीं जा सकता है। अतः प्रत्येक गर्भावस्था में किसी भी संभावित आपात स्थिति के लिए तैयारी की आवश्यकता होती है।

प्रसव की तैयारी

सभी गर्भिणी महिलाओं को किसी संस्थागत प्रसव के लिए ही प्रोत्साहित करना चाहिए।  प्रसव के दौरान कोई भी जटिलता हो सकती है, जटिलताओं के विषय में कुछ कहा नहीं जा सकता, उनसे जच्चा और/या बच्चा दोनों की जान जा सकती है।

 
 
 

प्रसव के संकेतः

निम्नलिखित संकेतों में से कोई भी संकेत मिलने पर महिला को स्वास्थ्य सुविधा यूनिट में जाने की सलाह देनी चाहिए क्योंकि इनसे प्रसव आरंभ होने का संकेत मिलता है -

1. जननेंन्द्रिय मार्ग से खून मिला द्रव आना

2. 20 मिनट अथवा इससे कम समय पर आंतों में दर्द से संकुचन

3. पानी की थैली फट चुकी हो तथा योनि मार्ग से साफ द्रव बह रहा हो।

 

 


जोखिम से निपटने की लिए तैयारी : खतरा के संकेत

महिला को निम्नलिखित में से कोई भी स्थिति होने पर एफ आर यू में जाना चाहिएः

गर्भावस्था के दौरान योनि मार्ग से किसी तरह का रक्त स्राव तथा प्रसव के दौरान और प्रसव के बाद भारी रक्त स्राव (>500 एम एल)

धुंधला दिखाई देने के साथ-साथ तेज सिर दर्द

ऐंठन होना अथवा होश खो बैठना

प्रसव में 12 घंटे से अधिक समय लगना

प्रसव उपरान्त 30 मिनट के अंदर पुरइन बाहर न आना

समय से पूर्व प्रसव (8 महीने से पहले प्रसव आरंभ होना)

अपरिपक्व अथवा प्रसव पूर्व झिल्ली का फटना

उदर में लगातार तेज दर्द होना

 

महिला को निम्नलिखित में से कोई भी स्थिति होने पर उसे 24 घंटे वाली पी एच सी में जाना चाहिए -

पेट दर्द सहित या रहित तेज बुखार होने तथा पलंग से उठने में बहुत ही कमजोरी महसूस करना

सांसों का तेजी से आना या उसमें कठिनाई होना

भ्रूण संचरण में कमी होना या न होना

अधिक मात्रा में उल्टियां होना जिससे कि महिला कुछ भी खाने में असमर्थ हो जिसके परिणामस्वरूप पेशाब कम हो।

 

रक्तदान के लिए तैयारी

माता की मृत्यु में प्रसव पूर्व और प्रसवोत्तर रक्तस्राव एक बहुत ही महत्वपूर्ण कारण है। ऐसे मामलों में रक्त संचारण कराना जीवन रक्षक साबित हो सकता है। रक्त खरीदा नहीं जा सकता है। रक्त संचारण के लिए रक्त जारी करने से पूर्व स्वैच्छिक रक्तदानकर्ता की आवश्यकता होती है जिससे कि आवश्यकता पड़ने पर उसका रक्त दिया जा सके। इस प्रकार के रक्तदानकर्ता (2 या 3 संख्या) तैयार होने चाहिए जिससे कि आवश्यकता की पूर्ति की जा सके।

सुरक्षित मातृत्व

 

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