जी-स्पॉट (G Spot) महिलाओं के जननांग में जी-स्पॉट महिलाओं की कल्पना का नतीजा मात्र - ब्रिटेन के वैज्ञानिकों का दावा

 

.सेक्स के दौरान चरमसुख को लेकर बेडरूम और बेडरूम के बाहर कई तरह के मिथकों पर चर्चा होती है और होती रहेगी। ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे ही मिथक पर से पर्दा उठाने का दावा किया है। उनका कहना है कि महिलाओं में जी-स्पॉट जैसी कोई जगह नहीं होती है।

कहा जाता है कि महिलाओं के जननांग के एक खास हिस्से को उकसाने पर उन्हें सेक्स का चरमसुख मिलता है। इस हिस्से को ही जी स्पॉट कहा जाता है। लेकिन ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने अपनी स्टडी के निष्कर्षों के आधार पर कहा है कि जी स्पॉट जैसी कोई जगह होती ही नहीं है। इस परिणाम तक पहुंचने के लिए वैज्ञानिकों ने 1800 से ज्यादा महिलाओं पर स्टडी की है। यह जी स्पॉट पर अब तक की सबसे बड़ी स्टडी है।

 
 
 

स्डटी करने वाले लंदन के मशहूर किंग्स कॉलेज के वैज्ञानिकों का विश्वास है कि जी-स्पॉट महिलाओं की कल्पना का नतीजा मात्र हो सकता है, जिसे सेक्स लाइफ से जुड़ी पत्रिकाओं और यौन सुख के तरीके बताने वाले तथाकथित विशेषज्ञों ने इतना बढ़ावा दिया कि यह एक सच नजर आने लगा।

इस स्टडी में 23-83 साल की 1804 ऐसी महिलाओं को चुना गया जो जुड़वां थीं और उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें पता है कि उनके भीतर जी-स्पॉट है। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि अगर जुड़वां बहनों में से किसी एक में जी-स्पॉट होता तो ऐसी उम्मीद की जाती है कि दूसरी में भी होना चाहिए। जुड़वां लोगों में एक ही तरह के जीन होते हैं।

.इस रिपोर्ट के सह-लेखक प्रोफेसर टिम स्पैक्टर का कहना था, 'कुछ महिलाएं यह दलील दे सकती हैं कि विशेष खान-पान और कसरत की वजह से जी-स्पॉट बन सकता है लेकिन असल में जी-स्पॉट जैसी किसी चीज के कोई निशान ही नहीं मिल सके हैं।'

स्टडी में शामिल 56 पर्सेंट महिलाओं को लगता है कि जब वह यंगी थीं या फिर सेक्सुअली ज्यादा एक्टिव थीं, तब उनमें जी-स्पॉट था। प्रोफेसर टिम स्पैक्टर के सहयोगी एंड्री बर्री इस बात पर चिंतित थीं कि ऐसी महिलाएं जो ये सोचती हैं कि उनके अंदर जी-स्पॉट नहीं है, वो खुद को सेक्स संबंधों के लिए अनफिट समझ सकती हैं। उनके मुताबिक इस फिक्र की कोई जरूरत नहीं है। एंड्री बर्री का कहना था, 'ऐसी किसी चीज की मौजूदगी का दावा करना गैरजिम्मेदारी की बात है जिसका वजूद कभी साबित ही नहीं हुआ है और इससे महिलाओं और पुरुषों दोनों पर ही व्यर्थ में ही दबाव बनता है।'

 

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