बाह्रोन्मुख (इकटोपिक) गर्भ

 

बाह्रोन्मुख गर्भ क्या है?

बाह्रोन्मुख गर्भ वह जिसमें उर्वरित अण्डे का रोपण किया जाता है और जो गर्भाशय के बाहर विकसित होता है। सामान्यतः ट्यूब मे होता है। प्राकॉतिक रूप में ट्यूब में उसका उर्वरण होता है और फिर वह उर्वरित अण्डा गर्भाशय में जाता है परन्तु नली (ट्यूब) में होने वाले गर्भ में वह ट्यूब में ही रहता है।

 

 
 
 

बाह्रोन्मुख गर्भ के मुख्य लक्षण क्या हैं?

चार मुख्य लक्षण हैं-

  1. अल्पावधि के पीरियडस का अभाव (एमीनोरहोई)
  2. पेट में तेज दर्द
  3. योनि से रक्त स्राव
  4. चक्कर आना, उल्टी होना और बहोशी के दौरे।


बाह्रोन्मुख गर्भ का सन्देह होने पर क्या करें?

महिला को तुरन्त अस्पताल पहुंचाना चाहिए। गम्भीर बाह्रोन्मुख गर्भ के उपचार का सिद्धान्त है - एक ही समय में शल्यचिकित्सा और पुनः बहाली हो। जरूरत पड़ने पर रक्त भी चढ़ाया जाता है। शल्यक्रिया जल्दी हो जाने से रक्त स्राव रूक जाता है और रोगी की स्थिति में सुधार आ जाता है।

 

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