गर्भवती महिला की सामान्य देखभाल

 

गर्भवती महिला के लिए सन्तुलित भोजन कौन सा होता है?

गर्भकाल के दौरान आप के आहार में निम्नलिखित होने चाहिए -

(1) 3 बार श्रेष्ठतम प्रोटीन - अण्डा, सोयाबीन, सामिष।

(2) 2 बार विटामिल सी युक्त पदार्थ - रसीले फल, टमाटर

(3) 4 बार कैलशियम प्रधान पदार्थ (गर्भकाल में 4 बार स्तनपान में 5 बार) जैसे दूध, दही।

 

 

(4) 3 बार हरी पत्तों वाली और पीली सब्जियां या फल पालक, बथुआ, छोले, सीताफल, पपीता, गाजर।

(5) 1/2 बार अन्य फल एवं सब्जियां - बैंगन, बन्द गोभी

(6) 4-5 बार साबुत अनाज और मिश्रित कार्बोहाइड्रेटस - चपाती चावल

(7) 8-10 गिलास पानी

(8) डॉक्टर के परामर्श के अनुसार आहार परक दवाएं।

 

 

एक गर्भवती महिला को किन आहार पूरक दवाओं की जरूरत होती है?

एक गर्भवती महिला को अपने आहार में विटामिन, आयरन और कैलशियम की जरूरत रहती है। आयरन फोलिक और कैलशियम की गोलियां सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में मुफ्त उपलब्ध रहती हैं। ये दवाएं आमतौर पर सुविधा से उपलब्ध होती हैं कौन सी दवा लेनी है इसका सुझाव डॉक्टर से लेना चाहिए।

स्वस्थ गर्भ में कितने वज़न का बढ़ना आदर्श माना जाता है?

महिला का वज़न औसतन 11 से 14 किलो के बीच बढ़ना चाहिए।

ट्रिमस्टर के अनुसार वज़न के बढ़ने का श्रेष्ठतम स्वरूप क्या है?

ट्रिमस्टर के अनुसार वज़न बढ़ने का आदर्श स्वरूप इस प्रकार है।

(1) पहला ट्रिमस्टर - 1 से 2 किलो 

(2) दूसरा ट्रिमस्टर 5 से 7 किलो 

(3) चार से पांच किलो।

गर्भ के दौरान चाय, कॉफी अथवा फिजिपेय का पीना क्या सुरक्षित है?

गर्भ के दौरान चाय, कॉफी अथवा फिजिपेय पदार्थों का पान बहुत सीमित होना चाहिए।

कम पोषक तत्व वाले खाद्य पदार्थों की तीव्र इच्छा को कैसे वश में करें?

किसी अस्वास्थ्यकारी वस्तु के लिए तीव्र इच्छा जागृत हो तो पहले अपने मन को उधर से हटायें या उसका विकल्प ढूंढ लें। अगर फिर भी मन न माने तो जो भी लें थोड़ सा लें, अपने मन को समझा लें कि अपने बच्चे की पोषक परक जरूरतों से आपने कोई समझौता नहीं करना है।

यदि किसी विशिष्ट अखाद्य पदार्थ को खाने की अनोखी इच्छा जगे तो कोई क्या करें?

डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए क्योंकि हो सकता है कि उस में कोई पोषण परक विकार पैदा हो रहा है।

 

गर्भ धारण

 

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